……शब्द भी दर्द देते है…..
रिश्तों की जुदाई दर्द से होती है
और दिल को जख्म धीरे से होती है

दूर रहते है मगर समझते है
यहाँ भी वही अपनों का प्यार साथ है

साथ जो गुज़रे हैं वो हसीन.पल दिल में बसी है
तुम दूर जाओ तो कोई हर्ज नहीं है अब

सब कुछ आज भी ऐसा है
फर्क इतना है पास हो कर भी दूर हो तुम

मुस्कुराते लोग अक्सर सामने रोते नहीं
ऐसे लोग दर्द को सह लेते है और समझते है

शब्द भी बहुत दर्द देते है
प्यार के शब्द या इनकार का दोनो दर्द देते है

कौन समझाये इस दिल को दर्द शव्दो से भी होता है उसका पास होना भी ज़रूरी नहीं

जिस दिन दिल को यह बात समझ आये
तो समझो आपका दर्द दर्द नहीं दवा महसूस होगी

राम भगत

Sent from BharatKaKhajana