स्वर्गीय राहुल की याद में बनाया RFC यानी राहुल फैमिली एंड फ्रेंड्स क्लब

आपको समाज मे दोस्ती की कई मिसालें मिलेंगी जिन्होंने अपनी दोस्ती से कई कहानियां लिखी हो। एक ऐसी ही दोस्ती की कहानी आपको बता रहे हैं राहुल के दोस्तों की।

स्वर्गीय राहुल शर्मा कहने को भले ही दुनिया से अल्प आयु में ही चला गया हो परन्तु उसके दोस्तों और परिवार वालो ने उसे आज भी समाज मे जिंदा रखा है। एक ऐसा कार्य चलाया है समाज सेवा का कि आज राहुल हर व्यक्ति के दिल मे जिंदा है।

सबसे पहले राहुल के बारे में जानते हैं

राहुल भारतीय तट रक्षक सेना में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात था। उसके दोस्त बताते हैं कि राहुल बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि का था। और सबसे बड़ी बात एक बहुत जिंदादिल इंसान था उसे यारों का यार कहते थे, अलरोऊंडर व्यक्तित्व का धनी था राहुल। परन्तु राहुल अधिक समय तक जीवन का आनंद नही ले सका और 25 जनवरी 2013 को पोर्टब्लेयर में आकस्मिक निधन हो गया।
राहुल अपने माँ बाप का इकलौता बेटा था मात्र 25 साल की उम्र में अपने बेटे को खोने का दर्द इनसे बेहतर शायद ही कोई समझ सकता होगा।

परन्तु इनके दर्द को बांटा राहुल के दोस्तो ने और राहुल की याद में तैयार की एक संस्था आरएफसी यानी राहुल फैमिली एंड फ्रेंड्स क्लब। राहुल के पिता श्री रामप्रसाद शर्मा जी को चेयरमैन बना कर आज ये संस्था जिला चम्बा से लेकर पूरे हिमाचल में अपनी एक अलग पहचान बना चुकी है। राहुल के निधन के एक वर्ष बाद यानी 25 जनवरी 2014 में ये संस्था बनाई गई और आज लगभग 4 सालों से ये संस्था शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में अदभुत कार्य करके मिसाल पेश कर रही है।
आइये जाने आरएफसी का अब तक का सफर ओर संस्था का उद्देश्य। आरएफसी भारत सरकार के तहत एक पंजीकृत संस्था है। (Reg no 21/1)

1. आरएफसी का सबसे बड़ा उद्देश्य है कि कोई भी छात्र पैसों के अभाव में पढ़ाई से बंचित न रहे इसलिए
ये संस्था इलाके के गरीब और जरूरतमंद छात्रों को पढ़ाई में मदद करने वाली एक अपने आप मे पहली संस्था है।
2.आरएफसी ने इस समय लगभग 85 बच्चों को गौद ले रखा है तथा साथ ही प्राइमरी स्कूलों को भी मॉडल स्कूल बनाने का कार्य चल रहा है। जिसके तहत प्राइमरी स्कूलों में जाकर बच्चों के साथ बातचीत करते हुए उन्हें खेलों का सामान तथा पढ़ाई की विभिन्न सामग्री आरएफसी द्वारा मुहैया करवाई जाती है।

3.आरएफसी कई क्षेत्रों में घूम कर वँहा के प्रतिभावान बच्चों की खोज करती है। स्कूलों में जाकर क्विज कम्पटीशन , पेंटिंग, भाषण प्रतियोगिता इत्यादि करवा कर छात्रों की प्रतिभा को तलाशा जाता है।

4. आरएफसी ने बेटियों की शिक्षा के लिए एक नई पहल की है। कोई भी बेटी अगर पैसों के अभाव में स्कूल छोड़ रही है तो आरएफसी उसकी पढ़ाई का सारा खर्च उठाती है।
5. आरएफसी 12वी के बाद कॉलेज में पढ़ने वाली गरीब और प्रतिभाशाली बेटियों को भी पढ़ाते हैं। इस समय आरएफसी 6 बेटियों को कॉलेज में अपने स्तर पर पढा रही है। जिनका पूरा खर्च ,किताबो से लेकर रहने खाने पीने का खर्च आरएफसी द्वारा दिया जाता है।

6. गरीब बीमार लोगो की मदद करना भी आरएफसी का मुख्य उद्देश्य है। पिछले साल जिला चम्बा के बलेरा से बीमार बच्चो पलक ओर साहिल के लिए आरएफसी ने लोगो से सहयोग की अपील की तो इन बीमार बच्चो के लिए 2 लाख से ऊपर की धनराशि एकत्रित कर दी।

7. पेड़ लगाकर पर्यावरण का संदेश भी आरएफसी देती है। “जन्मदिन मनाओ, पेड़ लगाओ” मुहिम शुरू कर के आरएफसी ने सेंकडो पेड़ लगाए हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत सार्वजनिक जगहों की सफाई करना आरएफसी के मुख्य कार्यों में है।

8 छात्रों के लिए कैरियर गाइडेंस प्रोग्राम भी कंडक्ट करवाये जाते हैं जिसमे छात्र एक्सपर्ट से प्रश्न पूछ कर समस्या का समाधान कर सकते हैं।
9 शहीद सैनिकों के परिवारों को आरएफसी के वार्षिक कार्यक्रम में सम्मानित किया जाता है। शहीद सुभाष, शहीद जगदीश के परिवार को विशेष अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया।

10 विभिन्न क्षेत्रों में अपने इलाके का नाम रोशन करने वाले लोगों को आरएफसी द्वारा सम्मानित किया जाता है। दिव्यांग खिलाड़ी संजय कुमार को आरएफसी द्वारा सम्मानित करते हुए अपने वार्षिक कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर बुलाया गया था।
11 इलाके का नाम रोशन करने वाले वार्षिक समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शिरकत करते हैं जिस कड़ी में महान चित्रकार पद्मश्री विजय शर्मा जी से लेकर महान पर्यावरणविद कुलभूषण उपमन्यु और इसके अलावा भट्टियात क्षेत्र से निकले आला अधिकारी अटॉर्नी जनरल राजेश वर्मा, मेजर कर्नल ऋषि महाजन सरीखे हीरो से आरएफसी ने बच्चों और लोगो को अवगत करवाने के सराहनीय कार्य किया है।
12. हर साल अपने मित्र राहुल की याद में आरएफसी द्वारा गरीब जरूरतमंद लोगों को गर्म कम्बल दिए जाते हैं।

13. पठानकोट हमले में शहीद हुए जगदीश चंद को सही सम्मान मिले इसके लिए भी आरएफसी ने एक मुहिम शुरू की है जिसमे सिहुंता या चुवाड़ी कॉलेज का नाम शहीद जगदीश चंद के नाम पर रखा जाए इसके लिए मुख्यमंत्री महोदय से पत्राचार किया गया और मुख्यमंत्री महोदय को ये बात पसन्द आयी उन्होंने जल्द इसे पूरा करने का भरोसा दिलाया।

प्रतिभा की खोज :-
अनूप कुमार एक नन्हा चित्रकार जो कंही अंधेरे में ही खोया हुआ था इस अनमोल हीरे को खोजने का श्रेय भी आरएफसी को ही जाता है। स्कूलों में विभिन्न प्रतियोगिताएं करवाते हुए जब आरएफसी की टीम खरगट स्कूल पँहुची तो वँहा अनूप कुमार की प्रतिभा को देख कर दंग रह गए। और तभी से अनूप कुमार को अपने साथ जोड़ा और पूरी दुनिया से अनूप का परिचय करवाया। इस प्रतिभावान चित्रकार के लिए आरएफसी एक संरक्षक की भांति है। इस छोटे से चित्रकार को महान चित्रकार पद्मश्री विजय शर्मा जी से मिलवाया और उनका आशीर्वाद दिलवाया। माननीय मुख्यमंत्री महोदय श्री जयराम ठाकुर की तस्वीर बनाकर अनूप कुमार ने उन्हें भी हैरान कर दिया आरएफसी ने मुख्यमंत्री महोदय से भी अनूप को मिलवाया।

गरीब छात्रों को पढ़ाई की सामग्री:-
हर वर्ष आरएफसी टीम गरीब और प्रतिभावान छात्रों को पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध करवाती है। इसके लिए आसपास के स्कूलों को लेटर भेजा जाता है और उस स्कूल के प्रतिभशाली बच्चों की रिपोर्ट ली जाती है। ऐसे छात्रों को चयनित किया जाता है जो सही में इसके हकदार हैं। ऐसे चयनित छात्रों को एक वर्ष तक प्रयोग होने वाली सामग्री जैसे 20 से 25 कॉपी, पैन, ज्योमेट्री, बैग, स्वेटर,बूट ये सब उपलब्ध करवाया जाता है। ओर ऐसे बच्चो को अगले साल अधिक अंक लाने के लिए प्रेरित किया जाता है ताकि उन्हें स्पेशल इनाम भी दिया जाए। साथ ही 11वी 12वी के गरीब छात्रों को किताबें भी खरीद कर दी जाती है। इस समय आरएफसी द्वारा ऐसे 65 छात्रों को चूना है और हर साल ये संख्या बढ़ती है।

प्राइमरी स्कूल चुवाड़ी को मॉडल स्कूल बनाना:- आरएफसी का उद्देश्य चुवाड़ी के उस प्राइमरी स्कूल को मॉडल स्कूल बनाना है जंहा उन्होंने बचपन मे राहुल के साथ पढ़ाई की थी ताकि राहुल को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सके। आरएफसी ने इस ओर कार्य करते हुए 2 स्कूलों के 2 खराब हो रहे कमरों को ठीक करवा कर वाल पेंटिंग के द्वारा एक नई लुक प्रदान की जिससे कि छात्र अधिक रुचि के साथ पढ़ाई कर सकें।

पूरा साल एक्टिविटी :- आरएफसी पूरा वर्ष कोई न कोई एक्टिविटी करती रहती है। कभी स्वच्छता अभियान तो कभी पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ के संदेश। पिछले साल वरसात के समय मे जन्मदिन मनाओ, पेड़ लगाओ और बेटी पढ़ाओ से पूरे हिमाचल में इस एक्टिविटी को शुरू करते हुए कई लोगों को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया तथा साथ ही अपने सामर्थ्य के अनुसार एक बेटी की शिक्षा का खर्च उठाने का सुझाब दिया। कई लोगो ने पेड़ लगाते हुए फ़ोटो आरएफसी को भेजी ओर आरएफसी के सोशल मीडिया पेज में उसे शेयर किया गया। इस तरह पूरा वर्ष आरएफसी समाजसेवा के लिए तैयार रहती है।

रक्तदान में सहयोग :– आरएफसी के सदस्य किसी भी समय रक्तदान के लिए तैयार रहते हैं। कंही से भी फोन आने पर रक्तदान के लिए पँहुचते हैं। आरएफसी के सचिव कनव शर्मा कई बार रक्तदान करके कई मरीजों की जान बचा चुके हैं।

प्रशासनिक ट्रेनिंग में भी किया जाता है आमंत्रित:-
किसी भी समाज सेवा के लिए होने वाली कार्यशाला में आरएफसी के सदस्यों को समय समय पर बुलाया जाता है जैसे डिसास्टर मैनेजमेंट इत्यादि की कार्यशाला में भी आरएफसी के सदस्य अपना सहयोग और भागेदारी देते हैं।

टीम वर्क आरएफसी की ताकत :-
आरएफसी के सभी सदस्य अपने क्षेत्र में बेहतर कर रहे है और प्रतिष्ठित पदों पर आसीन हैं। यही कारण है कि इसे एक सशक्त टीम के तौर पर माना जाता है। इस टीम में नेवी के मेजर पद से लेकर बैंक , इंडस्ट्रियल, शिक्षा, बिज़नेस हर क्षेत्र के मेंबर है और सभी मिलजुल कर काम करते हैं। आरएफसी के सदस्यों के नाम इस प्रकार हैं

श्री रामप्रसाद शर्मा और श्रीमती आशा शर्मा चेयरमैन
कनव शर्मा सचिव
साहिल महाजन केशियर
इसके अलावा
आशीष बहल, दिलीप भारद्वाज, सचिन शर्मा, विजय कुमार, अनूप कुमार, राकेश महाजन, साहिल महाजन, मुख्तियार सिंह, विदल शर्मा, अनिल शर्मा, तपस्या, दीपक शर्मा, श्वेता, रुचि, राजीव, गौरव, सुनकेशी, पुष्पा, संजीव संधू, मनोज गोस्वामी,सरूप वर्मा, कर्ण शर्मा, चेतना सॉंसले,फरज़ाना

आरएफसी के यही सदस्य आपस मे फंडिंग करते हैं और इसी से साल भर की एक्टिविटी की जाती है ये इसके परमानेंट मेंबर है जबकि कुछ मित्र अपने स्तर पट कभी कभी सहयोग करते हैं।