जय पोहलानी माता/हेमन्त पांडेय

जय पोहलानी माता, जय काली माता !
दरसन ये तुम्हारा , माँ सबको भाता !!

रूप निराला है माता , मन्दिर ये निराला है माता !
रहती पहाड़ों पर माता , बसती दिलों में हैं माता !!

सुन्दर सुखद सुहावन पर्वत , अद्भुत लगता है माता !
वैली सुन्दर पुष्प ये माता , धवल रूप में अति है भाता !!

पोहलानी माता

रावी, व्यास , चिनाब ये नदियाँ , अद्भुत प्रकृति है माता !
प्रदेश हिमांचल जिला में चम्बा , डलहौजी पहाड़ी डैनकुण्ड में हो माता !!

भक्तों की भीड़ अजब है माता , भक्ति का सुन्दर है नाता !
मेला लगता अजब ही माता , सब भक्तों को पास बुलाता !!

जय पोहलानी माता , जय काली माता !
भक्तों की इच्छा , करती पूरी माता !!
जो माता के दरबार में आता !
खाली झोली भर कर जाता !!

माँ की महिमा, भक्त हेमन्त है गाता,
माँ के चरणों में , सदा शीश झुकाता!

जय पोहलानी माता , जय काली माता !
दर्शन ये तुम्हारा , माँ सबको भाता !!

Pohlani mata temple

!! जय माँ पोहलानी देवी की !!

कवि – हेमन्त पाण्डेय ( अमेठी ) इसके रचियता उत्तर प्रदेश से रहने वाले एक प्रतिष्ठित कथाकार हैं।

9082747967

पोहलानी माता की पूरी कहानी पढें यंहा

माँ काली का पहलवानी रूप है पोहलानी माता/Ashish Behal


ऑनलाइन पत्रिका भारत का खजाना में पढ़िए नवरात्रि विशेष में जिला चम्बा के प्रसिद्ध मंदिर पोहलानी माता की ये कथा। जय माता दी।

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