आज होगी मिंजर प्रवाहित

हिमाचल के जिला चम्बा का मिंजर का त्यौहार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध त्योहारों में से एक है। सावन महीने में मनाए जाने वाले इस मेले का अपना एक अलग ही महत्व है।
जंहा आम जन मानस में ये एक मेले के स्वरूप में मनाया जाता है वंही जिला चम्बा के लोगो के लिए ये किसी पर्व और त्यौहार से कम नही है।

7 दिन तक चलने वाले इस मेले का आज अंतिम दिन है आज मिंजर मेले के समापन पर रावी नदी पर मिंजर विसर्जन किया जाएगा। आज भगवान रघुवीर जी की पूजा के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी जो पूरे शहर से होते हुए रावी नदी के तट तक जाएगी वँहा पर विधिवत पूजा अर्चना की जाएगी।
जल के देवता वरुण देव का आहवान करते हुए सुख समृद्धि की कामना के साथ मिंजर का विसर्जन होगा।
लोग अपने घरों में कई तरह ले पकवान बनाकर तथा बबरु बना कर नदी के तट पर भगवान रघुवीर, वरुण देव को अर्पित करेंगे। ये पूरे जिले में सभी नदी तटों पर किया जाएगा।

किसान अपनी फसल को भगवान रघुवीर को अर्पित करते हैं तथा फसल की अच्छी पैदावार के लिए जल देवता का वरुण देव का आभार व्यक्त करते हैं। जो मिंजर रेशम के धागे से बनी हुई 7 दिन तक लोग अपनी कमीज के साथ बांध कर रखते हैं उसे भी आज ही के दिन विसर्जित किया जाता है।
नदी तट पर परिवार और सगे संबंधियों के साथ भोजन इत्यादि करके लोग खुशी खुशी घर वापिस आते हैं।
इस तरह सात दिन तक चलने वाले इस मिंजर महोत्सव का समापन होता है।
आशीष बहल
चुवाड़ी जिला चम्बा