Elora of himachal masrur rockkut temple

कला का अदभुत नमूना है मसरूर मंदिर

हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरती और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है। यंहा के हर गांव में कोई कहानी छिपी है यंहा की हर कहानी में इतिहास का दर्शन है। एक ऐसे ही अदभुत और मनमोहक स्थल की तरफ ले चलते हैं आपको www.bharatkakhajana.com के साथ।

कैसे पँहुचे:-

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के ज्वाली उपमंडल में मसरूर गांव में है जंहा है Masroor Rockcut Temple। कांगड़ा से 30 km की दूरी पर नगरोटा सूरिया से 10 km की दूरी पर है ये शानदार मंदिर। एक ही पत्थर को काट कर ये मंदिर बनाया गया है। मंदिर की खूबसूरती और उसे बनाने की अद्भुत कला आपको हैरत में डाल सकती है।

मंदिर का इतिहास:-
ये मंदिर महाभारत काल मे 8 वीं शताब्दी में बना है। ये मंदिर एक ही पत्थर को काट कर बनाया गया है। एक मत के अनुसार ये मंदिर पांडवो ने अपने वनवास के समय बनाया था। पांडवो ने कुछ समय यंहा बनवास के समय बिताए थे। एक ही विशाल पत्थर को काट कर 14 मंदिर एक ही पत्थर के अंदर बनाये गए हैं।ये मंदिर किसी अजूबे से कम नही है कोई भी एक बार इस मंदिर में पँहुचे तो इसकी अद्भुत कला को देखकर हैरान रह जाता है।

हिमाचल का एलोरा:-


इस मंदिर को हिमाचल के “एलोरा” कहा जाता है। एलोरा को गुफाओं की भांति ही यंहा भी वैसी ही झलक मिलती है। ये मंदिर “शिखर” शैली सी निर्मित है। मुख्य मंदिर में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। मंदिर के सामने एक तालाब है जो इसकी खूबसूरती को कई गुणा बढ़ा देता है। मंदिर की छत पर जाने के लिए अंदर से ही पत्थरों को काट कर सीढ़िया बनाई गई है जो आज की इंजीनियरिंग को फेल करती है।

पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण:-

ये मंदिर पर्यटन की दृष्टि से भी अपनी अलग ही पहचान रखता है। इस मंदिर को पुरातत्व विभाग ने अधिग्रहण किया है। बहुत से लोग इस मंदिर को देखने आते हैं। साथ लगती पोंग झील भी आकर्षण का केंद्र है। जिसमें तरह तरह के पक्षी भी भ्रमण के लिए आते हैं।

मंदिर तक पँहुचने के लिए सड़क की हालत इतनी बढ़िया नही है और न ही इतनी शानदार जगह के लिए पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कोई व्यवस्था है। अगर इसे पर्यटन की दृष्टि से ओर अधिक सुधारा जा सकता है।

लेखक

आशीष बहल
Jbt अध्यापक
चुवाड़ी जिला चम्बा
9736296410

पढिए इस अद्भुत मंदिर की कहानी

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