लाहौल स्पीति  स्वर्ग से भी सुंदर

अगर आप किसी टेस्ट की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए हिमाचल के महत्वपूर्ण प्रश्न ये रहे।लाहौल स्पीति  स्वर्ग से भी सुंदर

हिमाचल अपनी खूबसूरती के लिए विश्वविख्यात है। हिमाचल के एक ऐसा ही सुंदर जिला है लाहौल स्पीति।

हिमाचल प्रदेश का एक सुदूर जिला है, जो लाहौल और सपीति घाटियों से मिलकर बना है। इस क्षेत्र को बर्फीला रेगिस्तान भी कहा जाता है। साहसिक पर्यटन के लिए यह क्षेत्र विस्व भर में प्रसिद्ध है। जिले का मुख्यालय केलांग है। हिमाचल प्रदेश के दो पूर्व जिलों लाहौल और स्पीति के विलयोपरांत, अब लाहौल और स्पीति एक जिला है। विलय के पूर्व लाहौल का मुख्यालय करदंग और स्पीति का मुख्यालय दनकर था। मनु को इस क्षेत्र का प्राचीन शक्षक बताया गया है|
मुख्यालय: केलांग

भाषाएँ: भोटी,लहौली और हिन्दी

घाटियाँ -चंद्रा और भगा

चिनाब नदी लाहौल के बरलाचा से निकलती है

रोहतांग कर अर्थ है : लाशों का ढेर

लाहौल में तीन घाटियाँ है

चंद्रा घाटी, भागा घाटी और चंद्रभागा घाटी

चंद्रा घाटी को रंगोली भी कहा जाता है।
 कोकसर इस घाटी का पहला गाँव है।

भागा घाटी को गारा कहा जाता है।
चंद्रभागा घाटी को पट्टन घाटी कहा जाता है|

स्पीति में पिन घाटी है।

स्पीति घाटी स्पीति नदी से बनती है।
किब्बर गाँव विश्व का सबसे ऊँचा गाँव है।
चंद्रा , भागा , स्पीति और पिन लाहौल की प्रमुख नदियाँ है।
लाहौल और भंगाल के बीच भंगाल दर्रा है।
लाहौल और जास्कर के बीच शिंगडकोन दर्रा है।
लाहौल और स्पीति को कुंजुम दर्रा जोड़ता है।
लाहौल को लद्दाख से बरलाचा दर्रा जोड़ता है।

रोहतांग दर्रा लाहौल को कुल्लू से अलग करता है।
ग्रामीण जनसँख्या : 31,564

शहरी जनसँख्या :0

कुल जनसँख्या :31,564

पुरुष :16,588

महिलायें :14,976

लिंग अनुपात : 903/1000(F/M)

जनसँख्या घनत्व : 2/km2
मुख्य धर्म :हिन्दू, बौध
परम्परागत भोजन : चावल, गेंहू

अर्थव्यवस्था : खेतीबाड़ी आधारित, याक पालन

कुछ महत्वपूर्ण स्थान:-
काजा

काजा स्पीति घाटी का उप-संभागीय मुख्यालय है। समुद्रतल से इसकी ऊंचाई 3,800 मीटर है। यह स्पीति नदी के बांए किनारे पर खड़ी चोटी की तलहटी पर स्थित है। कभी यह स्पीति के प्रमुख “नैनो” का मुख्यालय था। यह राजधानी शिमला से 425 किलोमीटर दूर है। काजा में एक भरन स्टेशन, आराम घर और कुछ छोटे होटल हैं। यह इस क्षेत्र में भ्रमण लिए आधार के रूप में कार्य करता है। अन्य स्थानों में कि, हिक्किम, कोमोक और लांगिया मठों में घुमा जा सकता है।
किब्‍बर

किब्‍बर, लाहौल में एक छोटा सा गांव है, जो 4270 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह गांव चूना पत्थर की चट्टानों से बनी एक संकीर्ण घाटी है। यहां स्थित मठ सेरकांग रिमपोचे ने बनवाया था। यहां एक वन्‍यजीव अभयारण्‍य भी स्थित है जहां कई जानवर और पशु रहते हैं। यह गांव काजा से 16 किमी. की दूरी पर है, काजा से गर्मियों में बस सेवा शुरू की जाती है ताकि पर्यटक भ्रमण के लिए आ सकें। यह गांव दुनिया का सबसे ऊंचा गांव है जहां सड़क मार्ग है।यहां का मुख्‍य व्‍यवसाय खेती और याक की खरीद-फरोख्‍त है। बाहरी शहरों तक सामान लाने और ले जाने के लिए याक को किराए पर भी दिया जाता है। इस गांव में कुल 80 घर हैं जो तिब्‍बती शैली से बने हुए हैं। सभी घरों में पत्‍थर और लकड़ी का सामान लगाया जाता है। गांव में एक सिविल डिस्पेंसरी, एक डाकघर, एक उच्च विद्यालय और समुदायिक टेलीविजन हैं।
कुंजुम दर्रा

इसे कुंजुम ला के नाम से भी जाना जाता है, जो तिब्‍बत से होकर गुजरता है। यह 4590 मीटर की ऊंचाई पर मनाली से 122 किमी दूर स्थित है। यह दर्रा कुल्लू घाटी और लाहौल स्पीति घाटी को जोड़ता है। यहां एक मंदिर भी स्थित है जो देवी दुर्गा को समर्पित है। यह रोहतांग दर्रा से 20 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ग्लेशियर है। यहां का नजारा देखकर पर्यटक खुश हो जाते हैं। इसके अलावा यहां चन्द्र-भागा, मनाली, केलोंग और पांगी घाटी भी घूम सकते हैं।
चन्द्र ताल और सूरज ताल झील

चन्द्र ताल का मतलब चाँद की झील है और सूरज ताल का मतलब सूरज की झील है जोकि चन्द्र ताल से 30 किलोमीटर और केलोंग से 65 किलोमीटर है| 
बुद्धिस्ट मोनेस्ट्री

स्पीति को मुख्यतः बुधों या लामों की भूमि से भी जाना जाता है| यंहा कुच्छ प्रसिद्ध मठ है जैसे- की मठ,धन्कार, शशुर, गुरु घंटाल, खुग्डी| लाहौल में शेरखांग मठ तबो मठ से भी पुराना माना जाता है| 
की मोनेस्ट्री

यह मठ कुछ सबसे पुराने मठों में से एक है| और बुधिस्तो की शिक्षा ग्रहण करने का मुख्य केंद्र है| देवी देवताओं के दुर्लभ तस्वीरें और भगवान बुध की प्रतिमा भी देखी जा सकती है| गोम्पा में पुराने हथियार का एक विशाल संग्रह है, जो किंवदंती के अनुसार, गद्दारों को खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
लाहौल हिमाचल के उत्तर भाग में स्थित एक जिला है| बड़ा शिगड़ी ग्लेशियर लाहौल में पड़ता हिया है जो की सबसे बड़ा ग्लेशियर है।

चंद्रा और भागा नदी बहते हुए तांडी में चिनाब नदी का निर्माण करती है| पिन नदी स्पीति की सहायक नदी है|
लाहौल को गरजा और स्वन्गला भी कहा जाता है।
स्पीति का शाब्दिक अर्थ मणियों की भूमि है । स्पीति का मुख्यालय काजा में है, इससे पहले ये ढांकर में था। प्राचीन समय में मनु को इस क्षेत्र का शाशक माना जाता था। स्पीति के शाशकों को नोनो कहा जाता था।
“की” हिमाचल की सबसे ऊँची और बड़ा गोम्पा है| ताबो मठ विश्व का सबसे पुराना मठ है|
लाहौल में तभाग्स्टन/मोथेबियाह व्यवस्थित और कुनमाईभाग्टन/कौंची विवाह भाग कर किया गया है|
लादर्चा मेला किब्बर गाँव में लगता है| सिस्सू मेला अगस्त में लगता है|
हालडा/लोसर नव वर्ष के आगमन का त्यौहार है| शेहनी, धुरे घारफी (लाहौल का सबसे पुराना नृत्य) नृत्य है।
छंग या छांग एक देशी पेय शराब है।

स्पीति सबसे शुष्क क्षेत्र है। लोसर स्पीति का अंतिम गाँव है।
Admin :- Ashish Behal

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