..जब बातों से तकलीफ हो ..

जब बातों से तकलीफ हो
किसी की बातों में वजन ना हो

जबरदस्ती हम क्यू सुजाव दे
और क्यू हम सुजाव ले

दिल का दरवाजा जब बंद है
जबरदस्ती क्यू खोले क्यू जोड़े

यहाँ जब आपकी कोई कदर नही
क्यू हाथ जोड़े क्यू नमन करें

फूल जब भवरे से घिरे
खुशबू महकती है सम्बन्ध जुड़ते है

क्या सच क्या झूठ
कौन अपना कौन पराया

यहाँ सम्बन्ध का महत्व नही
जो वक्त है वही साथी है

बातों में यहाँ कोई महान
कोई फ़िर सेतान

कोई दर्द दे कोई दर्द ले
सबका दिमाग फ़िर खराब

उनबातों से हम दूर रहे
जो तकलीफ और दर्द हो

किसी की बातों से तकलीफ हो
क्यू जबरदस्ती सम्बन्ध बनाये

राम भगत