होली यूँ भी मना लें

आओ इस बार होली कुछ यूँ भी मना लें
भूला दें सब भेद भाव हम,
इंसानियत के इक दूजे को रंग लगा दें,
एक देश, अनेक पर्व इसे ओर भी खास बना दें
अनेकता में एकता भारत की विशेषता
आओ इस होली हम सबको समझा दें।।

आओ इस बार हम होली कुछ यूं भी मना लें,
“राम” का भगवा , “हजरत” का हरा,
हर चेहरे पर गुलाल प्रेम लगा दें,
दिखे सब एक, एक ही रंग में सब रंग जाएं 
मोहन की बंसी, कबीर की वाणी , बस सब एक  “ॐ कार” नाम हो जाए।।।

मेरे भारत की इस मिट्टी में बस इंसानियत का ही रंग घुल जाए,
न हो धर्म की बेड़िया, भेदभाव जात-पात का मिट जाए,
न हो रंगों का परेहज, सब इक रंग में रंग जाएं, बस इस होली इंसानियत मेरा धर्म और भारत मेरा अभिमान बन जाये, इंसानियत मेरा धर्म भारत मेरा अभिमान बन जाए।।

आशीष बहल
चुवाड़ी जिला चम्बा

होली की हार्दिक शुभकामनाएं