#कोरोना_संकट में बच्चों के भविष्य के प्रति चिंतित अभिभावकों को एक संदेश/ आशीष बहल
दोस्तो सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाना आपकी प्रतिष्ठा के विरुद्ध नही है जब देश मे आर्थिक बोझ होगा नोकरियों पर संकट होगा और आप लोगों को इस बात की चिंता होगी कि आप अपने बच्चों की भारी भरकम फीस कैसे दें तब सरकारी स्कूल के दरवाजे आप लोगों के लिए सदैव खुले हैं। हम सरकारी स्कूल में पढ़ा रहे हैं इसलिए ऐसा नही बोल रहे बल्कि बहुत से कामयाब इंसान सरकारी स्कूलों से पढ़कर निकले हैं इसलिए बोल रहे हैं। आज सरकारी स्कूलों में वो सब कुछ दिया जा रहा है जिसकी आप अपने बच्चे के लिए इच्छा करते हैं मैं तो ये कहूँगा की उससे भी ज्यादा ओर वो भी बिल्कुल मुफ्त में। जी हाँ, दोस्तो आज प्राइमरी स्तर पर सरकार ने प्री प्राइमरी शुरू की है तो उसके तहत बनने वाले कमरे इतने बढ़िया हैं कि आपका बच्चा वँहा बिल्कुल सहज महसूस करते हुए सीखेगा। बहुत से स्कूलों में स्मार्ट क्लास चलाई जा रही है और सबसे बड़ी बात बहुत ही काबिल स्टाफ की नियुक्ति है वँहा। सारा काम डिजिटल ई संवाद एप्प से आपको घर बैठे मिलेगी बच्चे की पूरी जानकारी होमवर्क इत्यादि। ओर तो ओर कई प्रकार की प्रतियोगिताएं करवा कर छात्र के भविष्य को नए आयाम दिए जा रहे हैं। प्रतिभाशाली बच्चों को कई प्रकार की छात्रवृतियां दी जाती हैं। इस लोकडौन के दौरान बच्चों की पढ़ाई बाधित ना हो इसके लिए हिमाचल सरकार ने सबसे पहले कदम उठाए ओर आज जँहा तक संभव हो पा रहा है छात्र घर में बैठ कर समय दस से बारह वाला, हर घर बने पाठशाला के अभियान में पढ़ाई कर रहे हैं।

मुफ्त में स्मार्ट वर्दी, पौष्टिक आहार के अलावा जिन किताबो के लिए बाजार में 3 से 4 हजार खर्च किए जाते हैं वो किताबें आपको सरकारी स्कूलों में बिल्कुल मुफ्त में मिलेगी। यँहा आपके बच्चे को ऐसे गुरुजनों से पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त होगा जो एक कठिन प्रतियोगिता के बाद शिक्षक के सम्मानित पद पर आसीन है। सरकारी स्कूल सिर्फ शिक्षा की मात्र औपचारिकता नही निभाते यँहा छात्रों को बनाया जाता है नैतिक, भावनात्मक, सामाजिक रूप से भी सक्षम।
दोस्तो सरकारी स्कूल में जीवन मूल्यों का जो पाठ पढ़ाया जाता है वो अन्यंत्र कंही नही पढ़ाया जाता। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि यँहा विशुद्ध रूप से अपनाई जाती है गुरुकुल पद्धति क्योंकि यँहा अमीर , गरीब, जाति धर्म को लेकर कोई भेदभाव नही किया जाता। सबके सामूहिक प्रयासों से ही बनता है सरकारी स्कूल सबसे बेहतर। हिमाचल प्रदेश जो शिक्षा के क्षेत्र में चमकता सितारा है और हिमाचल की सरकार ने भी सरकारी स्कूलों को सबसे बेहतर बनाने के लिए ऐसी योजनाओं को अपनाया है तो हम सब समाज के लोगों का भी फर्ज बनता है कि हम अपने बच्चों को इतनी उत्तम शिक्षा से वंचित न रखें और सरकार का साथ दें सरकारी को अपनाएं। कोरोना के इस महा संकट में आप अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सरकारी स्कूलों, सरकारी अध्यापकों और हिमाचल सरकार पर छोड़ दें। क्योंकि आपका बच्चा मात्र आपका बच्चा नही भारत देश का भविष्य है और हम भविष्य निर्माण करते हैं इसलिए वर्तमान को सशक्त बनाने में कर्तव्यनिष्ठ हैं।
आओ कुछ कदम साथ मिलकर बढ़े, देश के भविष्य को सुरक्षित हाथों में ले चले।
जय सरकारी विद्यालय

✍🏼✍🏼✍🏼आशीष बहल
चुवाड़ी जिला चम्बा