भारत रत्न अटल जी को शत शत नमन

आज से ठीक 94 साल पहले 25 दिसंबर 1924 को भारत देश के मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में एक जननेता का जन्म हुआ, नाम था “अटल बिहारी वाजेपयी”। अटल जी का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ वह अपने माता पिता की सातवीं सन्तान थे। परन्तु बचपन से ही देश के प्रति उनका प्रेम इतना गहरा था कि उनका असाधारण व्यक्तित्व भी दुनिया से छिपा नही रहा और आज़ादी के आंदोलनों से प्रभावित होकर युवा जोश के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल हुए और उसके बाद देश के सफल नेतृत्व तक का उनका शानदार सफर किसी करिश्मे से कम नही।

इस साल अटल जी का जन्मदिन उनके बिना मनाने जा रहे हैं। हर दिल अजीज अटल जी हृदय सम्राट थे। यदि इस धरती पर कोई अजातशत्रु रहा है तो मुझे लगता है वो सिर्फ अटल बिहारी वाजेपयी ही थे। इस वर्ष उनको खोना हमारे देश के लिए एक भारी क्षति रही है। 16 अगस्त 2018 का वो दिन कौन भूल सकता है जब अटल जी के जाने से पूरा देश अनंत शोक में डूब गया था। कोई विरला ही होगा जिसे अटल जी के जाने का गम न हुआ हो। वैसे तो कहने को कोई उनका अपना नही था परन्तु उनके जाने के बाद ये एहसास हुआ कि पूरा देश ही उनका अपना था। देश के इस महान सपूत ने भारत माता का मस्तक सदैव ऊपर किया है। अटल बिहारी वाजेपयी देश के वो प्रधानमंत्री थे जिनके कार्यकाल को शायद ही कोई भुला सकता हो। आज जब हम अटल जी का 94वां जन्मदिन मनाने जा रहे है तो उनकी याद आना स्वाभाविक है।

कहते हैं कि इस दुनिया से जाने से पहले 2 काम कर जाओ, पढ़ने लायक कुछ लिख जाओ या लिखने लायक कुछ कर जाओ। और हमारे प्रिय अटल जी ने ये दोनों ही काम किए उन्होंने भारत माता के लिए अपने देश के लिए वो कार्य किये जिसके लिए पूरा देश उनका ऋणी रहेगा ओर उन्हें गिनाने लगे तो कई किताबें लिखी जा सकती हैं और उनकी लिखी कविताएं युगों युगों तक आने वाली पीढ़ी में नव ऊर्जा का संचार करता रहेगा। उनकी हर कविता में एक ऐसा ओजस्वी पन था कि हर कोई उनकी कविताओं का दीवाना हो उठता। अगर राजनीति की बात करें तो वो राजनीति को वो अजेय खिलाड़ी थे जैसे स्वयं भगवान से वरदान लेकर आए हों। देश भर पहले गैर कांग्रेसी नेता थे जिन्होंने पांच साल तक सफल गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया परन्तु कभी देश की अस्मिता से कभी समझौता नही किया। उन्हें एक ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में पूरा देश याद रखेगा

*जिन्होंने कभी विदेशी ताकतों के आगे सर नही झुकाया और पोखरण परमाणु परीक्षण करके अपनी ताकत का परिचय दिया।

*वो इसलिए भी हमेशा याद रखे जाएंगे कि उन्होंने मात्र एक वोट के लिए अपनी सरकार गिरवा दी परन्तु अपने उसूल नही बदले।

* वो देश को एक महान राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम देने के लिए भी हमेशा याद किए जाएंगे।

*उनके द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ में पहली बार हिंदी में दिया गया भाषण भी हमेशा रखा जाएगा।

* सन 1957 में वह बलरामपुर सीट से संसद सदस्य निर्वाचित हुए। छोटी उम्र के बावजूद वाजपेयी के विस्तृत नजरिए और जानकारी ने उन्हें राजनीति जगत में सम्मान और स्थान दिलाने में मदद की। 1977 में जब मोरारजी देसाई की सरकार बनी, वाजपेयी को विदेश मंत्री बनाया गया।

* वाजपेयी सरकार के सबसे सफल सामाजिक अभ‍ियानों में से एक था सर्व श‍िक्षा अभ‍ियान। इसके जरिये इस सरकार ने 6 से 14 साल की उम्र के बच्चों को मुफ्त प्राथमिक श‍िक्षा देने का प्रावधान किया था। इसी योजना का परिणाम था कि 2001 में लॉन्च हुई इस योजना के महज 4 साल के भीतर स्कूलों से दूर रहने वाले बच्चों की संख्या में 60 फीसदी की कमी आई।

*प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना उनकी सबसे बड़ी दूरदर्शी सोच का परिणाम थी। आज यदि देश के गांव सड़को से जुड़ पा रहे हैं तो इसका श्रेय सिर्फ ओर सिर्फ अटल जी को जाता है।

*गरीबों के लिए चलाई गई अंत्योदय योजना गरीबों के लिए किसी वरदान से कम नही थी।

उनकी कही हुई बातें हमेशा राजनीति को नई दिशा देती रहेगी। वो हमेशा एक बात कहते थे और वो मुझे बहुत पसंद है “सरकारें आएंगी, जाएंगी, पार्टियां बनेंगी,बिगड़ेंगी, ये देश रहना चाहिए, इस देश से बड़ा कुछ नही।”

वर्तमान परिपेक्ष्य की राजनीति में ऐसी बात वही कर सकता है जो सच्चा देशभक्त हो क्योंकि आजकल राजनीति का स्तर इतना गिर चुका है कि ऐसी बात करने के लिए सच मे एक जिगर चाहिए। अटल बिहारी वाजेपयी एक ऐसे नेता थे जिसे विपक्ष भी कभी बुरा नही बोलता वो भी अटल जी के मुरीद हुए बिना नही रह पाए। इसीलिए तो देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जी ने उन्हें आने वाला देश का प्रधानमंत्री कहा था। और ये अटल जी का ही जादू था कि मात्र 4 सांसद से भारतीय जनता पार्टी को 300 सांसदों की पार्टी बना डाला हो। अटल जी देश के सच्चे भारत रत्न थे अगर उन्हें देश का राष्ट्रपुत्र भी कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी। हम अटल जी को कभी भूल नही सकते आज अटल जी के जन्मदिन पर उन्हें शत शत नमन करते हैं। अंत मे उनकी कविता की चंद पंक्तियां

बाधाएं आती हैं आएं
घिरें प्रलय की घोर घटाएं,
पांवो के नीचे अंगारे,
सिर पर बरसे यदि ज्वालायें,
निज हाथों में हंसते हंसते,
आग लगाकर जलना होगा
कदम मिलाकर चलना होगा।
कदम मिलाकर चलना होगा।।

आशीष बहल
चुवाड़ी जिला चम्बा

Ph 9736296410

जन्मदिवस पर आज विशेष अटल जी की शानदार कविताएं

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