करो मतदान, बढ़ाओ लोकतंत्र की शान

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र वाला देश है। भारत के लोग अपनी सरकार का चयन पूरी तरह से लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत करते हैं। और ये हम सब भारत वासियों के लिए गर्व की बात है कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नागरिक हैं। जी हाँ, लोकतंत्र बनाना तो सब चाहते हैं परन्तु उसे बनाए रखना पूरी तरह से निर्भर करता है वँहा के नागरिकों पर, किसी भी लोकतंत्र की नींव होते हैं उस देश के नागरिक। क्योंकि लोकतंत्र की सबसे सटीक और बहुचर्चित परिभाषा है जिसे अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने दिया था

लोगो का, लोगो के लिए, लोगो के द्वारा शासन”

बस यही लोकतंत्र है। लोकतंत्र की ताकत दिखाई जाती है मतदान के द्वारा। मतदान से हम अपनी पसंद की सरकार को चुनते हैं जो हमारे बीच के ही प्रतिनिधि होते हैं। आज देश अपना लोकतंत्र का पर्व मना रहा है और ये लगभग समाप्ति की ओर है।। इसी लोकतंत्र के पर्व के इस महा यज्ञ में अंतिम आहुति पड़ने जा रही है आने वाले 19 मई को। जिस प्रकार किसी भी हवन में एक पूर्ण आहुति डाली जाती है जिसमें सभी को शामिल होना होता है और उनके इस यज्ञ को पूर्ण माना जाता है अभी बिल्कुल वैसे ही मानते हुए अंतिम चरण के इस पर्व में अपना मतदान अवश्य करें। और इस बार शत प्रतिशत मतदान की तरफ अपना योगदान अवश्य दें। अक्सर लोग पूछते हैं कि वोट देकर मुझे क्या मिलेगा मैं वोट क्यों दूं? जबकि असल में जागरूक मतदाता भारत का भाग्य विधाता वो है, जो ये पूछे कि मेरे एक वोट से समाज को क्या मिलेगा? यकीन मानिए हम उसी दिन अपने मत की असली कीमत समझ पाएंगे जब हम समाजहित को मतदान के साथ जोड़ेंगे। अब्राहम लिंकन जी ने बहुत खूबसूरत बात कही थी कि “बैलेट, बुलेट से ज्यादा ताकतवर है”।

ballot is more powerful than bullet”

इसी सिद्धान्त पर लोकतंत्र भी जिंदा रहता है। लोकसभा के इन चुनावों में एक बात अवश्य ध्यान रखनी होगी कि हम सिर्फ अपने मत का प्रयोग नही कर रहे बल्कि हमारे एक मत से देश का भविष्य भी तय होगा। हमारे देश का भविष्य तय करने में सबसे बड़ा योगदान रहता है देश के युवाओं का ओर ऐसा देखा जाता है कि देश के युवा ही लोकतंत्र के इस महा पर्व में हिस्सा नही लेते और मतदान नही करते, ऐसे में ये आवश्यक है कि देश के युवा वर्ग अधिक से अधिक मतदान की प्रक्रिया में शामिल हो। भारतीय चुनाव आयोग कर द्वारा भी कई जन जागरण अभियान के माध्यम से लोगों को मतदान के लिए जागरूक किया जा रहा है। आज जरूरत है कि देश के लोकतंत्र को ओर अधिक मजबूती दी जाए। देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने के लिए ये आवश्यक है कि हम पोलिंग बूथ तक स्वयं भी जाएं और अपने साथियों को भी लेकर जाएं। भारत लोकतंत्र की कामयाबी की एक मिसाल है और इसका श्रेय हमारे देश के महान विचारकों, संविधान निर्माताओं को जाता है जिन्होंने मताधिकार के द्वारा लोगो के हाथों में एक ऐसा औज़ार दिया जिससे भारत का मतदाता भारत के लोकतंत्र को सही रूप देता है। भारत के लोकतंत्र में ही ये उदाहरण मिलते हैं जंहा एक गरीब किसान के बेटे से लेकर, गरीब चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है। एक अखबार बेचने वाला राष्ट्रपति बन सकता है। सिर्फ और सिर्फ इसलिए क्योंकि हमें मत के द्वारा अपना नेता चुनने का अधिकार मिला है। भारत मे मतदान को एक पर्व की तरह मनाया जाता है लोगों को अधिक से अधिक मतदान के लिए प्रेरित किया जाता है क्योंकि मतदान के बल पर ही लोकतंत्र की खूबसूरती बरकरार रह पाएगी।

लोकतंत्र के इस महापर्व को सफल बनाने में चुनाव आयोग भी कोई कसर नही रखना चाहता यही कारण है कि इस बार भारतीय चुनाव आयोग ने 10 लाख पोलिंग बूथ स्थापित किए हैं जो कि 2014 के मुकाबले 10 % अधिक है। यंहा आपको ये बताना भी आवश्यक है कि इस बार भारत के 90 करोड़ नागरिक वोट देने योग्य पंजीकृत है जो कि ब्राज़ील और यूरोप की जनसंख्या के बराबर है, यही हमारे लिए गर्व का विषय है कि हम दुनिया के इतने बड़े लोकतंत्र के मालिक हैं। और इस 90 करोड़ में लगभग 8.5 करोड़ नए मतदाता हैं। जिसमें 1.5 करोड़ युवा मतदाता हैं जो 18 से 19 साल के बीच के हैं जो पहली बार देश के इस महान कार्य में अपना योगदान देंगे। ये हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है कि यँहा गरीब से गरीब व्यक्ति और अमीर से अमीर व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है । देश के प्रति अच्छी सोच रखने वाला कोई भी व्यक्ति देश के निर्माण में अपना योगदान दे सकता है यही कारण है कि ये भी दिलचस्प तथ्य सामने आया है कि सबसे अमीर उम्मीदवार और सबसे गरीब उम्मीदवार एक ही सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। भारत मे पहली बार लोकसभा चुनाव 1951-52 में हुए थे। और ये हिमाचल के लिए फक्र की बात है कि देश के पहले वोटर के रूप में “मास्टर श्याम सरन नेगी जी ” हिमाचल से सम्बंधित है और भारत निर्वाचन आयोग के ब्रांड अंबेसडर हैं जो लोगो को मतदान के लिए जागरूक करते हुए देखे जाते हैं। इस पहाड़ी राज्य में लोग जागरूक हैं परंतु ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र अधिक होने के कारण कई बातों के प्रचार और प्रसार में दिक्कत आती है। हिमाचल प्रदेश भारत के सम्पन्न राज्यों की श्रेणी में आता है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल के पढ़े लिखे युवा चुनावों में बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव 2014 की बात करें तो भारत मे 66.40% मतदान रिकॉर्ड किया गया था इस बार इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि मतदान की प्रतिशतता में वृद्धि हो। अब आने वाला समय ही तय करेगा कि देश का भविष्य चुनने में देश के मतदाताओं ने कितना सहयोग दिया है। हम सब भारत देश के जागरूक नागरिक हैं हम सबको देश के इस महान लोकतंत्र में अपनी आहूति अवश्य देनी चाहिए। आइये हम सब मिलकर प्रण करें कि भारत के इस खूबसूरत लोकतंत्र को और खूबसूरत बनाएं। भारत माता का शृंगार अगर लोकतंत्र को कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नही होगी बशर्ते कि हम भारत माता का श्रृंगार अपने वोट से करें।

“पुरुष, महिला, बूढ़े और यूथ
आओ मिलकर चलें पोलिंग बूथ
आपका एक वोट
बनायेगा लोकतंत्र को मजबूत”

आशीष बहल
चुवाड़ी जिला चम्बा