शीर्षक (बात दो टूक है और यह अचूक है)
बात दो टूक है और यह अचूक है।
अब के चुनाव में, देश के गद्दारों को, लोकतंत्र के उन पहरेदारों को।
जो ठगते हैं देश को, भरते अपनी जेब को, अबके चुनाव में हरांएगे।
बापिस घर पहुंचाएंगे, बात दो टूक है और यह अचूक है।
अब के चुनाव में सब दल बदलुओं को, पैसे और चारे के घोटाला बाजों को।
घाटी के दलालों को, देश के गद्दारों को, मतदाता सबक सिखाएंगे।
जेल में भिजवाएंगे, रास्ता घर वाला दिखाएंगे, बात दो टूक है और यह अचूक है।
बहुत अब हो चुका, मतदाता सब देख चुका, उन्हीं को अब लाएंगे।
जो अच्छे कानून बनाएंगे, देश प्रेम का पाठ जो पढ़ाएंगे।
विकास कार्यों में समय जो बिताएंगे और देश को आगे बढ़ाएंगे।
बात दो टूक है और यह अचूक है।
मतदाता अब जागरूक है, जान चुका कि नेता के स्वार्थ की क्या भूख है, देश को कैसे रहा लूट है।
अब के चुनाव में रंग वे क्या अपनाएंगे, उन सबको घर वे बिठाएंगे।
मतदाता मिल कर सबक अबके सिखाएंगे, बात दो टूक है और यह अचूक है
मतदाता अब जान गया, अधिकार अपना है पहचान गया।
देश के द्रोही को सबक अब सिखाएंगे और घर बिठाएंगे।
परिमल यह बात दो टूक है और यह अचूक है।।
नंदकिशोर परिमल, गांव व डा. गुलेर
तह. देहरा, जिला. कांगड़ा (हि_प्र)
पिन. 176033, संपर्क, 9418187358
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