?? काव्य कोण ??
नाचता रहा जिन्दगी भर तेरे इशारों पर,
कभी घर न मिला कभी राह न मिली।

सुरेश भारद्वाज निराश♨

??काव्य कोण??

मेरे अपने भी कुछ बदल से गये है,
मेरी सीरित नहीं सूरत देखते है।

सुरेश भारद्वाज निराश♨

?? काव्य कोण ??

मुहब्बत की बात करुं या तन्हाई की बात करुं,
सब कुछ तो उनके हाथ में है क्यूं जुदाई की बात करुं

सुरेश भारद्वाज निराश?

?? काव्य कोण ??

चाहत एक धोखा है मत रह तू धोखे में,
आनी जानी दुनियां में चाहत भी आनी जानीहै।

सुरेश भारद्वाज निराश?

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