हार ना मान
प्रक्रति रूलाती है सताती है !
हंसाती है बसाती है !
हर पल मुश्किलों से है सामना !
कौन अपने कौन पराये कब हमने ये जाना !
कर्म कर हार ना मान !
मौत से लड़ जीवन से जीत !
यहाँ कोई नही तेरा मीत !
हँस ले खेल हर पल जीवन से !
जीना सीख अपने पराये के बीच रह कर !
कर्म कर हार मत मान !
मौत से लड़ जीवन से जीत !
यहाँ कोई नही तेरा मीत !
रामायण और गीता से सीख !
तू अमर तू अजर !
मत माँग मोहलत का भीख !
कर्म कर हार मत मान !
मौत से लड़ जीवन से जीत !
यहाँ कोई नही तेरा मीत !
आजादी का जश्न मना !
अपने को गुलाम ना बना !
याद कर वीर जवानो की कुर्बानी !
कर्म कर हार मत मान ! मौत से लड़ जीवन से जीत !
यहाँ कोई नही तेरा मीत !

राम भगत

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