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जग्गू नौरिया
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jaggunouria66@gmail.com
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।। सीख लो।।
माँगे जब कोई मशवरा सलाह,सदा ठीक दो।
जैसी करनी बैसी भरनी, गहनता सीख लो।।
सीख लो मन मट मैला धौना और निखार लो।
अतुल्य काया का मन मन्दिर चंचल और निर्भीक हो।।

निर्भीक हो हमारी वाणी और हस्त मददगार हो।
दुखियारा दुख हर लें ,सेवा की ऐसी तस्वीर खींच लो ।।

खींच लो वोह सुप्त पड़ी खडग म्यान से अब।
मजवूत प्रहार हो और ध्यान लक्ष्य पर स्टीक हो।।

स्टीक हों शब्द वाण कोई छल न कपटी हेर फेर हो।
ऐसा चले चक्र काल का, तुम्हारी हर ओर जीत हो।।

जीत हो हर यद्ध में ,लोकहित लिये जो लड़ना है ।
पापी न रहे कोई, जग्गू, हर ओर मीत ही मीत हो।।

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