शिकायत तो बहुत है /राम भगत नेगी

शिकायत तो बहुत है ..

शिकायत तो बहुत हैं जमाने से
पर किस को अपना दास्तान सुनाये

तमाशा देखने वाले बहुत है यहां
किस को हमदर्द अपना समझे

दर्द ही दर्द है जीवन में
दवा कहाँ से हम लाये

कोई काला कोई गोरा
कोई बनावटी दुनियाँ का नया छोरा

सबको अपनी अपनी लगी है
फिक्र किसी को है कहाँ

कट रही है जिंदगी चमचों के राज में
चैन अमन तो अब नेताओं के गेराज में

पाँव में छाले है जिनके वे देश बना रहे है
जिनके पाँव आसमान में है वे देश लूट रहे है

किसी को फ़िक्र कुर्सी की किसी को फ़िक्र रोटी की
आज भी लोग एक दूसरे को देते है धक्का

उनके भी अच्छे दिन आ गये है
जिनको चमचों की कुर्सी मिली है

संभल जाओ ऐ कुर्सियों के नुमाइन्दो
ज़हर बन जाएंगे एक दिन जनता जब सो कर उठेगी

राम भगत किन्नौर 9816832143

तुम आना बार बार….

तुम्हारी मुलाकत मेरे दर्द दिल की दवा बन गई
सांसो की गर्मी से मेरे बदन भी भीगा
तुम्हारी मधुर मुस्कान से दर्द पल में छू हो गया
हाथों के स्पर्श से ज़मीन असामान को छू गया

साथ तुमहरा मिला जो आज
जीवन का सबसे बडा था ताज
तम्हारी काली आँखे दिल की दवा बन गई
तुम्हारी गुलाबी गाल जीवन की किताब बन गई
तुम्हारी बाते कोमल;चाँदनी रात की चकोर जैसी
होंटों के बोल बरसात की कोयल जैसी
तुम्हारा अचानक मिलना ख्वाबों की परी जैसी

तुम आना बार -बार
विनती करू तुमसे मैं हजार बार
दर्द दिल की दवा तुम्ही हो
मेरे सुने मन की किताब तुम्ही हो
गीत भी तुम्ही हो संगीत भी तुम्ही हो

जिंदा हूँ जब तक सांसे बस तुम्हारे नाम
तुम ना हो मेरी लाइफ मैं जिंदगी फ़िर किस काम
तुम आना बार -बार
विनती करू मैं बार-बार
तुम्हारी मुलाकात मेरी दर्द दिल की दवा बन गई..

ॐ शांति राम भगत
9816832143

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *