पाती भेजे भगतसिंह🖋🖋

पाती भेजे भगतसिंह,बलिदान ब्यर्थ न जाये।
प्राण जाये तो जाये दुर्दिन,भारत पर न आये।।
जन्म लूंगा शतकोटि बार मैं,माँ तेरी गोदी में।
आँख नोंच लेंगें उसकी,जो तुझको आँख दिखाये।।

बीर जवानों, नींच भेड़ियों से ,नहीं डर जाना।
डर जाने से अच्छा होगा,बलिबेदी चढ जाना।।
राजगुरु, सुखदेव मीत से , दुश्मन दल थर्राये।
आँख नोंच ००००००००

सजग भेदियों से रहना,तब चमन रहेगा प्यारा।
मस्तक ऊँचा सीना ताने,रखना संदेश हमारा।।
ऊँचा झंडा रहे तिरंगा, ब्योम चढे लहराये।
आँख नोंच लेंगें उसकी,जो तुझको आँख दिखाये।।

जय हिंद

पंडित अनिल
अहमदनगर , महाराष्ट्र