कोई मकसद नहीं ..

जीने का कोई अब मक़सद नहीं
बेवजह दर्द बढ़ाते है कुछ लोग

जिन को अपना कहते है हम
कल वही बढ़ाते है खुशियों में गम

दिल से लगाये बेठे है हर वक्त उनकी यादें
फिर भी लगता है हम लापरवाह है

अब और भी ज्यादा पेचीदा हुई है जिंदगी
लगता है अब सुख का कोई ठिकाना नहीं

कर ले दोस्ती तु भी राम भगत गम से
मौत का कोई अब ठीकाना नहीं

जीने का कोई अब मकसद नहीं
बेवजह दर्द बढ़ाते है कुछ लोग

राम भगत किन्नौर
9816832143

जगती जोत है माँ ज्वाला जानिए पूरी कथा


आज नवरात्रो में माता रानी के गुणगान में ऑनलाइन पत्रिका भारत का खजाना में पढ़िए माता ज्वाला जी की ये अदभुत कथा। जय माता दी।🙏🏻