रक्तदान

रक्तदान की महिमा भारी जन जन का आह्वान करें।
मानव रक्त अति दुर्लभ है आओ हम रक्त दान करें।।

गऊदान या अन्नदान हो ज्ञान दान भी उत्तम है।
सब दानों में पूत हे! भूषण रक्त दान सर्वोत्तम है।।

रुधिर दान से मानव देह में कमजोरी कोई नहीं आती।
रक्तदान से प्राणिमात्र की ज़िंदगी तो बच जाती।।

जीवन सफल है मानुस जन का गैरों पर कुर्बान करे।
दान करे न धन और दौलत केवल रक्त का दान करे।।

स्वेच्छा कर्म है रक्त दान यह कोई न एहसान करे।
पहले जांच कराए अपनी पश्चात ही रक्त का दान करे।।

मधुमेह व्याधि पीड़ित जन निर्देशों का सम्मान करें।
रुधिर संबंधित रोग जिसे जो वो न रक्तदान करे।।

आनाकानी कभी न करें रोगी के जीवन पे बनी हो।
लेकिन रक्त का दान न करे जिसमें खून की पेजले कमी हो।।

रक्त के कई वर्ग हैं लेकिन ‘O’दानी कहलाता है।
बांछित ग्रुप के न मिलने पर ‘O’ भी चढ़ाया जाता है।।

युवा वर्ग कर्तव्य को समझे कोई भय न कोई भर्म हो।
रोगी बूढ़े दान न करें भार जो तय सीमा से कम हो।।

पानी पियें भरपूर उदर भर फल रस का भी सेवन हो।
धूम्रपान और मद्यपान बिल्कुल न अगले दिन तक हो।।

शुभ समारोह घर में हो जब महादान का महत्व बताएं।
रस्मों को भी अदा करें और रक्तदान का शिविर लगाए।।

उपदेशों से न बहला कर कर्णधार सब एक हो जाएं।
रक्तदान वे स्वयं भी करें जनता को सहभागी बनायें।।

हिन्दू बौद्ध मुस्लिम सब भाई सब का लहु है एक समान।
जाति धर्म का बैर भुला कर “भूषण”करें हम सब रक्तदान।।

मौलिक रचना
डॉ कुलभूषण व्यास
अनाडेल शिमला
हिमाचल प्रदेश
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