गौवंश रक्षण

आओ घर घर अलख जगाएं

मिल जुल कर गोवंश बचाएं।।

गोवंश सर्वोत्तम धन है

आओ इस धन को अपनाएं।।

अमृत दूध पिलाती गौ माता

बृद्ध है तो न घर से भगाएं।।

अभियुक्त बने गौ अत्याचारी

कोई कड़ा कानून बनायें।।

इनके पालनहार बनें हम

आश्रय को गौसदन बनाएं।।

आश्रयहीन मिले गौवंश जो

अपने घर मेहमान बनायें।।

इन के लिए आहार हो समुचित

घास बिना न भूखे मर जाएं।।

गौ सम्बर्धन कार्यक्रमों में

अपने को सहभागी बनाएं।।

इनके स्वास्थ्य परीक्षण हेतु

स्वयं सेवी संगठन बनाएं।।

गौ वंश की सेवा धर्म है

इसी धर्म को सब अपनाएं।।

आश्रित हैं ये विवेकहीन हैं

खुद समझें सबको समझाएं।।

गौवंश के रक्षा कर्म में

भारत वंशी सब जुट जाएं।।

मानवता की इस भूमि पर

पशुओं को सहभागी बनाएँ।।

बुद्ध की पाक धरा पर भूषण 

हिंसा त्याग अहिंसा अपनायें।।

रचनाकार

डॉ कुलभूषण व्यास

अनाडेल शिमला हि प्र

दूरभाष 9459360564