मेहनत जारी है,
पर साथ ही इम्तेहान भी जारी है।

माना वक्त बुरा ही सही,
इम्तेहान कड़े ही सही

पर मैंने भी जिद्द मानी है,
बस जितने कि ही ठानी है

कहानी एक नयी लिखुंगा,
मुकाम एक नया बनाउंगा

सबसे आगे निकल कर रहूंगा,
अंतिम सांस तक लड़ता रहूंगा

रास्ते में आयें चाहे लाख रुकावटें,
पर हार नहीं मानूंगा
बस हार नहीं मानूंगा ।