कसक …..

ना हम तेरे ना तुम मेरे
फिर भी दिल में तुम बसे हो मेरे

ना हम करीब ना तुम करीब
दिल की ये बंदगी है बिल्कुल अजीब

ना हम राम ना तुम सीता
फिर भी ये दिल तुमने है जीता

ना हम बादल ना तुम बरसात
फिर भी तुम करीब हो दिन और रात

ना हम गुलाब ना तुम चन्दन
फिर भी कैसा है दिल से दिल का बंधन

ना हम जीवन ना तुम अंत
फिर भी कैसे हैं हम तुम अनंत

ना हम गोली ना तुम झोली
फिर भी प्यार के बीज हमने बोली

अजीब कसक है हमारी तुम्हारी
दूर होने पर भी तुम पास हो मैरी

राम भगत किन्नौर
9816832143