रिश्ते जब टूटे/राम भगत नेगी

रिश्ते जब टूटे

रिश्ते जब टूट जाये
धड़कन रुक जाये

ज़िमेदारियां निभाना ना आये तो
अपने रूठ जाये

बनाये रखो रिश्तों को
निर्मल गंगा की तरह

आँख मूँद कर विश्वास भी
रिश्तों में जायज है

तभी दिल जुड़ते है अपने जुड़ते है
घर जुड़ता है और समाज जुड़ता है

जिस दिन विश्वास टूटा
समझो धड़कन रुका

जब धड़कन रुका
तो समझो सांसें टूटा

रिश्तों को जोड़ कर रखो
कोई कैसा भी क्यू ना हो

राम भगत किन्नौर
9816832143

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