घोटाले में घोटाला है

दिन में अँधेरा है

रात को उजाला है

जो काला है वो गोरा है

जो गोरा है वो काला है

जीजा जी की चलती है

सरकार में साला है

उसी की दिवाली है

हुआ जिसका दीवाला है

किस से बचाए

लुटता ही रखवाला है

फिर बोलता साला है

चिंता न करो यह

अपने ही घरवाला है

दिल मत तोडो

हिम्मत न छोडो

जो ले गया दुल्हन

वही दिलवाला है

इसकी सड़के टूटी है

पानी भी मट्मेला है

यह देहरा का रहने वाला है

इसके किनारे अटखेलियां न कर

यह “सागर” लहरों वाला है

घोटाले में घोटाला है

बुरे काम वाले

तेरा मुँह काला है

(सुकृत सागर)

9805467091