इन्सान के नसीब में/राम भगत नेगी

इन्सान के नसीब में …..

इन्सान के नसीब में जो लिखा है
वो इंसान को मिलेगा ही
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जो बोया है उसे काटना ही है
खर्चना हो तो हमें कमाना ही है
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खाली आये है खाली ही जायेंगे
जो बोया था वही कमा कर जायेंगे
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फिर ये तकरार किस लिये
होंटों में दिखवा प्यार किस लिये
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छोड़ नीयत में जो खोट है
दिल में बैर का जो चोट है
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प्यार को यदि पाना है तो
रूह से उसे चाहना होगा
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ये शिक़वे नफरत के क़िस्से
अब दफ़न कर दो इनको
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रूठे हुवे को मनाना पड़ेगा
नफरत के दिलों में मोहब्बत को रोशन करना पड़ेगा
***
दुनियाँ को बताना पड़ेगा
इंसान के नसीब में जो लिखा है वो मिलेगा ही

राम भगत किन्नौर
9816832143

बोली अनेक फिर भी हम एक

बोली अनेक फिर भी हम एक
शहर गांव अनेक फिर भी हम एक

हम भारत वासी
हम भारत वासी

तोड़ना चाहे कोई दुश्मन
सरहद में वीर सेनिक अनेक

हिंद पर मर मिटने वाले
वतन पर जान लुटाने वाले अनेक

जो देख रहा तमाशा
भारत को बर्बाद करने का

आज भी लक्ष्मी बाई
और चंद्रशेखर आजाद अनेक

चांद पर पहुंचे कल्पना बेटी हमारी
अब्दुल कलाम जैसे वेज्ञानिक देखा दुनियाँ ने सारी

संविधान के निर्माता बाबा साहेब
आज भी संविधान बना कर अमर साहेब

धन्य है गीता कुरान बाईबल रामायण
गुर गोविंद ग्रंथ जो आज भी संस्कार सिखाता है

स्वामी विवेका नंद जैसे
वीर महान पुरषों की माटी भारत माता

गंगा जमुना जैसे पवित्र
नदियों का निर्मल धारा भारत माता

विश्व का सबसे बड़ा लोकंतत्र
का देश भारत माता

राम भगत का जन्म भूमि भारत माता
हिमालय की ऊंची छोटी भारत का शान बड़ता

तेरे लिये जान भी दूँ कम है माता
बार बार यही जन्म लूँ गुजारिश है ऐ मेरे दाता

बोली अनेक फिर भी हम एक
शहर गांव अनेक फिर भी हम एक

हम भारत वासी
हम भारत वासी
जय हिंद

राम भगत किन्नौर

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