समय का चक्कर …

समय का चक्कर
कोयला भी हीरा से निकलता है तप कर

कभी कोई आसमान को छूता
कभी वही जम्मीं को छूता है

बडे बडे आज फंसे है
समय के चक्कर में

पता नहीं कब क्या लिखा हो
हम इंसान के मुक्क्दर में

सच कहते है बडे बुजुर्ग
समय सबसे बलवान है

समय का कदर करना सीख बन्दे
समय सच में बलवान है

अपनों का आशीर्वाद और
ऊपर वाले का शुक्रिया कर

समय कैसा भी हो तब
आपके कदमों के साथ होगा तब

उठ जाग इंसान अब
मोह माया के जाल से

समय का कदर कर
जन चेतना की फिकर कर

सुलझ जायेगा वक़्त एक दिन
समय की रफ्तार तु भी पकड़

राम भगत किन्नौर
9816832143