पहाड़ी कविता/नवीन हलदूणवी

“बोल्ला करदे प्हाड़”
खंड -काव्य दा पंजुआं ध्या
नवीन हलदूणवी

वेस्हाबा संसारे अन्दर,
रल़ा रल़ाई जा दे ।

झूठोझूठ गलाई करियै,
दब्बी ढोल बजा दे ।

अणमुक अक्खां भुब्बल़ पाई ,
फैल्ला दा व्यापार ।

प्हौंच – पूदनां चढ़ै चूंडिया ,
बोल्ला करदे प्हाड़ ।।

नवीन हलदूणवी
09418846773
काव्य-कुंज जसूर-176201,
जिला कांगड़ा , हिमाचल ।

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