जिंदगी
गुमराह सी है जिंदगी,
कभी फूलों की सेज चलती है,
कभी कांटों से रूबरू कराती है,
कभी हंसाती है,
कभी रुलाती है,
लेकिन अफसोस….
इक दिन मौत आती है,
पता भी नहीं पूछती,
कि…
कहां जाना है,
बस सांसें छीन लेती है,
और…
जिंदगी को कफन में बांध लेती है,
पता नहीं कहां ले जाती है!

वीपी ठाकुर