दिव्यांगों के प्रति/नंद किशोर परिमल,

दिव्यांगों के प्रति )
दिव्यांगों को गर आगे बढ़ाना है,
तो उनके अंदर की दिव्य ज्योति को जगाना है ।
बहाने छोड़ दो अब सारे,
दिव्यांगभाई बहनों को स्वावलंबी उन्हें बनाना है
नकारात्मक विचारों को दूर भगा कर,
इन भाई बहनों को आगे ही आगे बढ़ाना है ।
किसी क्षेत्र में ये हैं पीछे नहीं रहते,
अंदर की इनकी ऊर्जा को हमें जगाना है ।
समाज के बहुमूल्य रत्न दिव्यांग ये होते,
देश सेवा कार्यों में सदैव रत ये रहते ।
आम जन आज जो कर नहीं पाता,
उन अनोखे कामों को ये कर दिखलाते ।
दिव्यांग तो विशेष जन हैं उस प्रभु के,
कार्य विशेष करने हेतु उन्हें प्रभु ने जग में भेजा है ।
कम न आंके कोई जन इनको,
इन्हीं के द्वारा विशेष कार्य अपना प्रभु ने कराना है ।
दिव्यांग महत्वपूर्ण बहुत हैं, बेचारा नहीं बनाना है ।
गले लगाकर इन सब को, आगे इन्हें बढ़ाना है ।
उत्साहित कर इन सब को, दिव्य दृष्टि मात्र जगानी है ।
कम किसी से हैं नहीं जग में, मात्र दीनता इन की तुम्हें भगानी है ।
परिमल समाज की अमानत बहुमूल्य हैं ये दिव्यांग ।
नतमस्तक हो कर नमन करें हम सब उन्हें साष्टांग ।
नंद किशोर परिमल, गांव व डा ,गुलेर
तह ,देहरा ,जिला, कांगड़ा (हि -प्रदेश )
पिन -176033, संपर्क -9418187358

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