यादों के सहारे /जग्गू नोरिया

यादों के सहारे जी लेंगे, तनिक जहर जुदाई पी लेंगे।
फटी रजाई में कर लेंगे गुजारा, जरूरत पड़ी सी लेंगे।।

उनको उनकी वेवफाई न खले , बहते अश्रु पी लेंगे।
महलों में रहे खुश वोह , हम चौराहों पर ही जी लेंगे।।

धन दौलत की भूख है, सब कुछ नाम कर भी देंगे।
जहर जख्म गरीबी होती है कैसी, सीख यह भी लेंगे।।

हर सुवह खुशियां महके, अंधेरी रातें होने न कभी देंगे।
वेशक जिन्दगी बनी घोर अंधेरा, दीपक कहीं जला भी लेंगे।।

बार बार गिरी फिर जीती,संकल्प चींटी से सीख भी लेंगे।
संजोयेंगे पल पल को, इतिहास नया कोई रच भी लेंगे।

देते हैं धमकियाँ, मारते हैं ताने, मौका जंग मैदान भी देंगे।
क्रुरता का जवाब भरी महफिल में ,,जग्गू,,शान्ति से भी देंगे,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *