“नशा नाश भाऊ”/उत्तम सूर्यवंशी

“नशा नाश भाऊ”

——/————–
छढी दे खरा नी हुँदा 

नशेरा सुवाद भाऊ ।

रोग लगी जाँदे मते सारे

सैयद होई जाँदी ख़राब भाऊ ।

बीड़ी,सिगरेट,अफ़ीम,गाँजा 

न खरी शराब भाऊ ।

पलै रैहदीं नी चवानी

हालत होई जाँदी ख़राब भाऊ ।

किडनी दिल ते सड़ी जाँदे फेफड़े 

पछताणा पूँदा बाद भाऊ ।

आलाज कोई हुँदा नी

ते पुदाँ मता फ़साद भाऊ ।

इज़्ज़त कोई करदा नी 

घर होए ते चाहे समाज भाऊ ।

लाडी बच्चे माँ बाप परेशान सारे

ज़रा तां कर लाज भाऊ ।

गल मनी ले ‘उत्तमे दी’

ते छढ नशेरा सुवाद भाऊ ।

मौतीरे मूँहे मत जा

ज़हर है बीड़ी सिगरेट,

अफ़ीम गाँजा शराब भाऊ ।
          उत्तम सूर्यावंशी किहार चंबा

                   8629082280

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *