पहलू में हर किसी को बिठाया/लक्ष्मण दावानी

पहलू में हर किसी को बिठाया न कीजिये
आँखों से जाम अपने पिलाया न कीजिये

बे दर्द हैं बड़ी तेरी कातिल निगाहें ये
नज़रो से तीर दिल पे चलाया न कीजिये

किससे करें शिकायते ज़ुल्मो कि तेरे हम
जुबाँ पे नाम गैर का लाया न कीजिये

सदके तुमारे जान के हमने किये अदा
गैरो से मिल के हमको हराया न कीजिये

तुम से छुपी नहीं रुदादे ज़िन्दगी मेरी
नज़रो से अपने हमको हटाया न कीजिये

बे दर्द इस जहाँ ने सताया बहुत हमें
होकर खफा यूँ हम से रुलाया न कीजिये
( लक्ष्मण दावानी ✍ )
20/5/2017
आई – 11 पंचशील नगर
नर्मदा रोड़ ( जबलपुर म,प्र, )

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