ऐं जिंदगी बता तु

ऐं जिंदगी बता तु
क्यू कभी हँसाती और क्यू रुलाती हो

दर्द बहुत देती हो
और खुशी कम क्यू देती हो

दुर होना हो तो
ये मेल मिलाप क्यू करवाती हो

किस को दर्द सुनाऊं
जब दर्द तूने ही दी है

पता होता यहां कोई नहीं अपना
तो क्यू कोई देखता फ़िर सपना

विशवास की धारा में बह गये
और हम फ़िर से दुर हो गये

ऐं जिंदगी बता तु
को हँसाती और रुलाती हो

राम भगत किन्नौर
9816832143