आँखो ने देखा ,दिल ने महसूस किया
तब मुझे तुमसे प्यार हुआ
आये जब तुम करीब
मेरे सपनों के नजदीक
तब मुझे तुमसे प्यार हुआ
उन बातों में न जाने कैसा एहसास था
शायद वो तेरा अंदाज था
जो दिल को मेरे छू गया
तब मुझे तुमसे प्यार हुआ
जब दिल बैचैन होने लगा
न रही आँखों में नींद
चैन भी मेरा खोने लगा
ये अहसास जब पहली पहली बार हुआ
तब मुझे तुमसे प्यार हुआ
सताने लगा डर मुझे
दूर होने का तुमसे
जब ये खयाल जी का जंजाल बना
तब मुझे तुमसे प्यार हुआ
अब तो है बस यही चाहत
बन कर रहूँ तेरी अमानत
आकर कह दे तू भी मुझसे कभी
कि मुझे तुमसे प्यार हुआ