पाँच बरस के बाद/पं अनिल

पाँच बरस के बाद🙏🏻

हम हैं नेता पाँच बरस के बाद ही आते हैं ।
आते हैं जब भी हम अपना धाक जमाते हैं।।
क्या कम है आने का हम वादा कर जाते हैं।
आते हैं• • •

औरों का दुख क्या दुख होता ।
दूजे का सुख ही दुख देता ।।
तोड़ फोड़ कर जोड़ जाड़ परचम लहराते हैं।
आते हैं• • • •

झगड़ा झंझट सुलझाना क्या ।
उलझे हैं सब उलझाना क्या ।।
जहाँ पे जलती आग वहाँ पर तेल गिराते हैं।
आते हैं•••

इतना सा अफ़साना अपना ।
जनता वोट ठिकाना अपना।।
जनता लगे जनार्दन प्यारे शीश झुकाते हे।
आते हैं• • • •

पूछे जनता हम ग़रीब क्यों ?🙏🏻
रूठी रहती है नसीब क्यों ?🙏🏻
राजनीति वाले क्यों स्वर्णिम स्वप्न दिखाते हैं।
अपने सगे , ठगे , हम बारंबार ठगाते हैं।।

राजनीति के कुशल खिलाड़े ।
भैंस गाय क्या,दूह लें पाड़े ।।
अलग अलग दिखते हैं लेकिन एक हो जाते हैं।
आते हैं• • • •

पं अनिल

अहमदनगर महाराष्ट्र

📞 8968361211

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