चल के खुद मेरा यार आयेगा
मुझपे जब उसको प्यार आयेगा

खिल उठेंगी निगाहे ये मेरी
चेहरे पर निखार आयेगा

तब बिखर जायेगी यहाँ रौनक
कर के जब वो सिंगार आयेगा

कह दिया चाँद आज उनको ही
सर से आँचल उतार आयेगा

दूरियाँ लाख ही सही उन से
वो कभी तो ये पार आयेगा

रूह से रूह तो मिलेगी ही
मेरे दिल को करार आयेगा
( लक्ष्मण दावानी ✍ )
1/5/2017
आई – 11 पंचशील नगर
नर्मदा रोड़ ( जबलपुर म,प्र, )