जहां नोट बिके/राम भगत नेगी

जहां नोट बिके
जहां नोट बिके वहां
वहां वोट बिके

खींचातानी हो रही है
वोट और नोट में

वोट में रिश्तों का अहमियत नहीं
जो नोट दे उसकी नियत सही

जनता विकास विकास चिल्लाती
दोषी नेताओं को ही ठहराती

विकास का मुदा जब आये
तब जनता नोंटों में बिक जाये

झूठे वादे व झूठे इरादे
सिर्फ नेता ही नहीं करते

यहाँ जनता भी नोट की माया में
विकास पुरूष नेताओं को धोखा देते है

सारी गलतीयां नेताओं की नहीं
हम जनता की भी है

वोट के समय नोट में बिक जाते है
और देश को हम ही पीछे ले जाते है

देश आगे तभी होगा जब जाती धर्म के नाम पर
वोट देना और लेना बंद होगा

जब दारू बोतल में हम ना बिके
नोट की माया में ना बिके

विकास तभी होगा
जब विकास पुरूष नेता हम चुने

आओ हिमाचल में हम एक साफ सुथरा छवि
का नेता हम चुने

राम भगत

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