कर ले तैयारी पूरी पंचायत रखे खाते हिसाब सही।
सावधान रहना, पर्चे ततीमे गलत न लगाना कहीं।।

जहाँ पर लगे काम पटवारी से जगह चिन्हत हो कराई।
गलत होंगे पर्चे ततीमे किसकी तय होगी जवाब देही।।
एक तीली और तिनका काफी होता जंगल जलाने को।
एक तिनके खातिर , कायनात से क्यूँ आग थी मंगबाई।।

घर के असूल और रंजिशों से राज न कभी कायम हुये।
फिर क्यूँ जली आग में घी की आहुति निधड़क लगाई।।

हमें तो मालूम है न्युटन का तीसरा नियम क्या कहता है।
लेकिन दुख इस बात का, यह पंचायत नहीं समझ पाई।।

घर का कुतुआ समझा, लड़ाओें और फायदा लो उठाई।
यह नहीं होगा अब जागृति ला रहे समाजसेवी भाई।।