मैं रहूँ या न रहूँ/हेमन्त पांडेय

मैं रहूँ या न रहूँ मेरे शब्द रहेंगे￰ !
शब्दों में ही मैं हूँ , ये मेरे शब्द कहेंगे !!
जिंदगी का क्या भरोसा कब तक हम रहेंगे !
पर अपनी कविताओं में हम यूँ ही अमर रहेंगे !!

दुनियाँ की भीड़ में हम कबतक चलेगें!
मुसाफिर हैं संसार मैं यहाँ कब तक रहेगें!!
कौन मालिक कौन नौकर जहाँ में , सभी नग्न यहाँ से इक दिन विदा करेगें !!

माया के जाल में कब तक फसे रहेंगे !
कब तक झूठी हँसी से यूँ ही हँसा करेंगे !!
कहता है कवि (हेमन्त) इक दिन हम सभी चलेंगे !
नेकी की नौका से सुन्दर हम भवसागर पार करेंगे !!

कवि – हेमन्त पाण्डेय (अमेठी)
9082747967

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