सयाने बोलदे/जग्गू नोरिया

सयाने बोलदे
खरी गल होंये
ताँ लम्बी करी सुना
बुरिया जो झट मुका

लाडी होंदी छैल
गहनेयाँ ने खूव सजा
कितनी भी गलती करे
करे वई प्यारे ने समझा,
लोकाँ च तमाशा न बना।।

प्यार ने जीतना
दिल लाडिया दा
सैह कुडी बगानी नी
नार जिन्द गुण अपनी
लोकाँ विच तमाशा न बना

मन्नी लिया तुसाँ हण
बडे बडे पहलवान
पर लाडिया उपर हथ
कदी नी उठा

कुडियाँ स्यानियाँ मुन्डुआँ ते
मत मारा लोको
गर्भे बिच इन्हाँ जो
बोला दा जग्गू भक्ता
घरे घरे जाई
लोकाँ जो समझा

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