दिवाली…..

दीप दिये जलते रहे
दिवाली हम यूँ ही मनाते रहे

माटी की दिये में देश की मिटटी की महक
मेहनत से जिसने बनाई उसके चेहरे में भी चमक

चीनी सामानों का बिल्कुल बहिष्कार
दीप दिये मिठाई अपने देश की हो अबकी बार

पटाखों की कड़क आवज़ से
सभी के दिलों को धड़काते रहे

फूलजडियो के रंग बिरंगे रोशनियों से
सबके दिलों को रोमांचित करते रहे

चीनी सामानों का बिल्कुल बहिष्कार
दीप दिये पटाखे अपने देश की हो अबकी बार

मिठाइयों की मीठी सुंगंध के साथ
सबको रस पान करे

माँ लक्ष्मी की पूजन से
सब के घर में खुशियाँ आते रहे

सगे सम्बन्धियों के मिलन
गील्वे शिकवे मीटते रहे

दीप दिये के इस त्यौहार में
सभी के ग़म यहाँ मीटते रहे

चीनी सामानों का हो बिल्कुल बहिष्कार
दीप दिये पटाखे अपने देश की हो अबकी बार

सभी दोस्तों को 2017 की दिवाली की हार्दिक शुभ कामनाये मुझे आशा है इस बार हम चाईना के सभी सामानों का बहिष्कार कर देश के पैसों को देश में ही रखेंगे देश तरक्की में सभी योगदान देंगे..
शुभ दीपावली राम भगत…