कविता…….

आई दिवाली

आई दिवाली आई दिवाली
मनभावन सीआई दिवाली।

भीड़ उमड़ी देखो चहुँ ओर
सुनाई दे रहा अनुपम शोर
सबने मिल खुशी मनाली
आई दिवाली आई दिवाली।

सब ओर प्रकाश है फैला
नही किसी का अंतर मैला
इस पर्व ने खुशी बढ़ाली
आई दिवाली आई दिवाली।

पटाखे आकाश में खूव गूँजे
पूजारत कोई आँखें मूँदे
कुबेरकी पूँजीसबने चुरा ली
आई दिवाली आई दिवाली।

सारे मिलकर रंगोली बनायें
माँ लक्ष्मी हर घर आंयें
मुराद मन की जाय न खाली
आई दिवाली आई दिवाली।

खूव बंटी है मिठाई देखो
किसने खुशियाँ सजाई देखो
खूव सजी पूजा की थाली
आई दिवाली आई दिवाली।

घर आंगन सब चहक रहे हैं
कपूर बाती से महक रहे है
दीपों की छठा बड़ी निराली
आई दिवाली आई दिवाली

दीपावली की सबको बधाई
माँ लक्षमी हों सबकी सहाई
खाली न जाये कोई सवाली
आई दिवाली आई दिवाली।

सुरेश भारद्वाज निराश


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