ग़ज़ल

बेवजह खामोशी ने दिल तोड़ दिया तेरे जाने के बाद,
हमने भी जीना छोड़ दिया तेरे जाने के बाद।

आँखों की नमी आँसू बनकर यूं थी बहने लगी,
उसने भी मूँह मोड़ लिया तेरे जाने के बाद।

दर्द की झंकार में लगे थे जख्म नाचने,
रिश्तों ने भी दामन छोड़ दिया तेरे जाने के बाद।

चाहत की खोज़ में दर दर भटके थे यार हम,
था नफरत से नाता जोड़ लिया तेरे जाने के बाद।

तन्हाई ने मार डाला बोह मेरा जिन्दा वजूद,
साँसों ने भी दम तोड़ दिया तेरे जाने के बाद।

पग डंडियाँ रोने लगीं रास्तों से कैसे मिलें,
कदमों ने भी साथ छोड़ दिया तेरे जाने के बाद।

‘निराश’ एसी ज़िन्दगी कब तक कोई ग्वारा करे,
मौत ने भी पीछा छोड़ दिया तेरे जाने के बाद।

सुरेश भारद्वाज ‘निराश’
ए-58 न्यू धौलाधार कलोनी
लोअर बड़ोल पोस्ट दाड़ी धर्मशाला
जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश
पिन 176057
सम्पर्क सूत्र : 9418823654