सब देते हैं ज़ख़्म/उत्तम सूर्यवंशी

सब देते हैं ज़ख़्म यहाँ 
   ज़ख़्म कोई भरता नहीं.!!
   मुहब्बत का हर इक 

   तलबगार है यहाँ ..,

   मगर ….

   मुहब्बत कोई करता नहीं..!!

                

  ख़ुदगर्ज़ है दुनियांंँ

  बिना मतलब साथ 

  कोई चलता नहीं..!!
  यहाँ बोलबाला है 

  पैसे का…,

  बिन पैसे काम कोई 

  करता नही.!
अपने अपनों का ख़याल’

रखा जाता यहाँ,

बिन पहचान ध्यान,

कोई करता नहीं..!!
जब पड़ जाए वास्ता 

सब झुख जाते हैं,

 बिन काम कोई,

सलाम यहाँ करता नहीं..!!
        〽~~उत्तम सूर्यवंशी

            किहार चंबा हिमाचल

            मो.  8629082280

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