कविता करवा चौथ/राम भगत नेगी

सभी को करवा चौथ की हार्दिक शुभ कामनायें
सरहद में वीर सिपाहियों को नमन करवा चौथ की शुभ कामनायें

मैं पिया में चाँद देखुं ..

मैं पिया में चाँद देखुं
आज नहीं हर बार देखुं

रुत ये बहार की रोज़ देखुं
मैं पिया अपनी शान देखुं

लग जाये मेरी उम्र
कभी ना हो मेरे प्यार में भ्रम

मैं पिया में चाँद देखुं
आज नहीं हर बार देखुं

तेरे प्यार के आंगन की में बगिया हूँ
तु रोज़ सींच ले में तेरी जोगीन हूँ

तेरी सूरत में मैं अपनी सुरत देखुं
मैं पिया में चाँद देखुं

मैं शृंगार करूं सुहागिन बनु आज
सदा सुहागिन ही मरू ये दुवा करूं आज

में पिया में चाँद देखुं
आज नहीं रोज़ देखुं

राम भगत किन्नौर
98168 32143

कौन यहाँ अपना होता है
माना हम सब एक है
भाषा एक बोली अनेक

रंग एक रुप अनेक
देश एक गाँव शहर अनेक

पर यहाँ कौन अपना होता है
अपने भी यहाँ बेगाने होते है

बहुत दिखावा है दुनियाँ के दस्तूर में
अपना पन सिर्फ शब्दों के बोल

हकीकत जब सामने आये कोई नहीं यहाँ
सब बंदिशों में बदें है तब कौन अपना यहाँ

ये आँसू ये दर्द ये अहसान सब दिखावा तब
बोलने क लिये सब हम एक हकीकत कुछ और

ये चाहत ये प्यार और ये विश्वाश
तब सिर्फ एक दिखावा जब कोई शब्दों का विचार करें

फ़िर भी कोई शक्ति है
इन सब को महसूस कर संसार चल रहा है

जिसे प्यार और ताकक्त कहते है
तभी आज देश में नारी शक्ति से घर संसार चल रहा है

और वही शक्ति करवा चौथ से प्यार बांटती है
देश और घर चलाती है समाज चलाती है

नारी शक्ति को प्रणाम
करवा चौथ की हार्दिक शुभ कामनायें

राम भगत

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