धन साधन है/हेमन्त पांडेय

धन साधन है जीने का ,
जीवन में कुछ करने का |
नहीं बुरा है धन कोई ,
लोभ से केवल बचने का |

साधन और साध्य नहीं एक है ,
जीवन में अन्तर यही समझने का |
धन साधन हो सकता है साध्य नहीं ,
जीवन में परमार्थ सदा करने का |

धन का अर्थ समझने का ,
ध कहता है धरिये हमको |
न कहता न रखिये हमको ,
कारण क्या है कहने का ?
इक बात यही समझने का |

इतिहास गवाह है इसमें ,
धन को धन ही ने नाश किया |
धन साधन हो सकता है साध्य नहीं ,
ऋषि, मुनियों और संतों ने इसी बात को स्वीकार किया |

कहता कवि (हेमन्त) इक बात है सुन्दर,
धन का आना है अतिशय सुन्दर !
धन आने पर अभिमान न आना ,
जीवन में इक बात यही है सबसे सुन्दर !!

कवि – हेमन्त पाण्डेय ( अमेठी )
‎ 9082747967

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