माँ बाप को न भुलाना /हेमन्त पांडेय

माँ बाप को न भुलाना बेटी यूँ दूर जा करके ,
हम सब तेरे साथ खड़े है तेरी विदाई करके |
तेरी बचपन की मीठी यादों से गूंजेगा घर सारा ,
तू पराया न समझना बेटी कभी दूर जा करके |

हम नहीं तो क्या हम जैसे प्यार करने वाले हैं वहाँ ?
बेटी इतना ध्यान रखना सुसराल है तेरा मायका नहीं वहाँ |
इज्ज़त की पगङी अपनी बेटी ,
तुम्हारे हवाले हम करके |
दुःख न देना कभी मेरी ह्रदय दुलारी को ,
रोये है बहुत अपने घर से विदा हम करके |

इक बात याद रखना बेटी वो सब तेरे अपने है,
ससुराल तेरे जीवन के नये सुनहरे सपने है |
सास , ससुर – पति की सेवा निशदिन तुमको करनी है ,
लेना आशीर्वाद अपनों का घर से मंदिर जा करके |

कहता कवि ( हेमन्त ) बहू नहीं वो बेटी है ,
करना सम्मान सभी उसका है बेटी से बढ़ करके |
उसके सम्मान से ही तुमको खुशियां सारी मिल जाएगी ,
स्वयं लक्ष्मी का रूप बहू है करना न अपमान भूल करके |

कवि – हेमन्त पांडेय (अमेठी)
9082747967

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *