हे प्रभु मुझे कलाम बना दो/हेमन्त पांडेय

हे प्रभु मुझे कलाम बना दो ,
न हिन्दू न मुस्लिम मुझे इंसान बना दो !
जिसमें प्रेम हो मानवता का सुन्दर ,
मेरे उस हृदय को हर दिलों में बसा दो !!

हे प्रभु मुझे कलाम बना दो ,
देशभक्ति में प्रेमभक्ति मुझे निःश्वार्थ सिखा दो !
करूँ परोपकार मैं श्री कलाम की तरह ,
मेरे जीवन में भी मानवता का प्यारा सा एहसास जगा दो !!

हे प्रभु मुझे कलाम बना दो ,
मानवता का सुनहरा पैगाम बना दो !
जबतक रहूँ धरा – धाम पर हे जग के रचैया ,
मुझें श्री कलाम का सादा जीवन उच्च विचार सिखा दो !!

हे प्रभु मुझें कलाम बना दो ,
गरीबी हो भले मगर पर दिलों में हौसलों के पर लगा दो !
सुख दुःख समय चक्र के पहिये हैं प्यारे,
मुझें संसार के इस अनोखे से घटनाचक्र को समझना सिखा दो !!

हे प्रभु मुझे कलाम बना दो ,
नायक नहीं मुझें राष्ट्र नायक बना दो !!
जियूँ कल्याण के लिए मरू कल्याण के लिए ,
मेरे लहुँ की हर बूंद को मेरे देश के लिए बना दो !!

हे प्रभु मुझें कलाम बना दो ,
मैं कवि हेमन्त हूँ , नन्हा सा प्यारा संसार में तुम्हारे !
मेरीे हर कविताओं को मानवता के प्रेम से सजा दो,
न हो पाप किसी के ह्रदय में हे मेरे भोले बाबा
हर ह्रदय में श्री ए .पी. जे.अब्दुल कलाम को जगा दो !!

! राष्ट्र के नायक मानवता के आदर्श
श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को कोटि – कोटि नमन ‎!!

कवि – श्री हेमन्त कुमार पाण्डेय (अमेठी )
‎ 9082747967

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