राष्ट्रपिता महात्मा गांधी

देश की आजादी के लिए
सहस्र वीर जवानों ने थी अपनी जान।
पर ढूंढ रहा था देश
कोई सदाचारी का ऐसा दर्पण,
सत्य के लिए हो जाए जो कुर्बान
और बन जाए सब जन का निगहबान।
कौन था ऐसा संत महान?

दूसरों के लिए निर्लिप्त होकर किया जिसने हर काम।
संसार की भलाई के लिए दियाजिसने बलिदान।
छोड़ गया जो अनुशासन और ईमानदारी के निशान।
परोपकार का चोला पहन कर किया सबको हैरान।
कौन था ऐसा संत महान?

अन्तर्मन ने पूछा एक दिन हम से,
क्या है कोई महान ,गुणों में देवताओं से।
मुस्कुरा कर कहा दिल ने हम से
गुणवान ही था वो,जो बस गया
हर दिल में, कण कण मे।
कौन था ऐसा संत महान?

जो था निर्भीक, निर्मद और निर्भीभेद
अन्तरध्वनि से खोला जिसने परस्पर सहयोग का भेद
मानवजाति के विवादों को आया जो सुलझाने
सत्य, अहिंसा और सहनशीलता का पाठ पढाने
कौन था ऐसा संत महान?

सारा हिन्दुस्तान करता है उनको सलाम
उनके सिद्धांतो मे है अनुशासन का पैगाम
सावरमती के संत ने ऐसा किया कमाल
नतमस्तक है हर बच्चा और नौजवान
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी थे ऐसे संत महान।

आशिमा बन्याल, हमीरपुर
फोन नंबर 9418151255