ग़ज़ल/डॉ कंवर करतार

ग़ज़ल

गरजे बद्दल़ I
निखरे ढड्डल़ II

सजदा गोरीं ,
आह्खीं कज्जल़ I

जाणा मेलें ,
जेबा डब्बल़ I

मंगता माह्णू ,
होए खज्जल़ I

झोल़ी खाली ,
पैया फग्गल़ I

दौड़न डंगर ,
दिक्खी खब्बल़ I

रोड़ा हटदा ,
मारी झब्बल़ I

भूसर भुच्चड़ ,
पांदे खौद्दल़ I

बद्दल़ फट्या ,
होया निब्बल़ I

पुत बेपीरा ,
धोंदा सख्ख्ल़

चिडंग किह्ली ,
उठदे भँब्बल़

हिम्मत थोह्ई ,
टुटदे सौंगल़ I

कम्म कसूता ,
जोड़ी जह्ब्बल़ I

भर बरसाती ,
चढ़दी सेजल़ I

रज्जी खाणा ,
कर किछ खेचल़ I

हुन्दी ‘कंवर’ ,
माड़ी जल़जल़ I

कंवर करतार
‘शैल निकेत’ अप्पर बड़ोल
दाड़ी धर्मशाला
9418185485

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